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mahabharat 7.48.36-37h: युद्धभूमि में उस छेद को देखकर योद्धाओं ने आशंका से ऊपर की ओर देखा और सोचा, ‘लगता है वह तलवार लेकर मेरी ओर आ रहा है।’ उन्होंने महाधनुर्धर अभिमन्यु को छेदना आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश  »  श्लोक 36-37h
 
 
श्लोक  7.48.36-37h 
मय्येव निपतत्येष सासिरित्यूर्ध्वदृष्टय:॥ ३६॥
विव्यधुस्तं महेष्वासं समरे छिद्रदर्शिन:।
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में उस छेद को देखकर योद्धाओं ने आशंका से ऊपर की ओर देखा और सोचा, ‘लगता है वह तलवार लेकर मेरी ओर आ रहा है।’ उन्होंने महाधनुर्धर अभिमन्यु को छेदना आरम्भ कर दिया।
 
The warriors, who saw the hole in the battle-field, looking upwards with the apprehension thought, ‘It seems he is coming towards me with his sword.’ They began to pierce the great archer Abhimanyu. 36 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)