Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.48.31-32: यदि तुम उसे हराना चाहते हो, तो उसके रथ और धनुष को नष्ट कर दो।’ गुरु के ये वचन सुनकर विकर्तनपुत्र कर्ण ने बड़ी फुर्ती से अपने बाणों से अस्त्रधारी अभिमन्यु का धनुष काट डाला। भोजवंशी कृतवर्मा ने उसके घोड़ों को और कृपाचार्य ने उसके दोनों पक्षरक्षकों को मार डाला। | mahabharat अध्याय 7.48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि तुम उसे हराना चाहते हो, तो उसके रथ और धनुष को नष्ट कर दो।’ गुरु के ये वचन सुनकर विकर्तनपुत्र कर्ण ने बड़ी फुर्ती से अपने बाणों से अस्त्रधारी अभिमन्यु का धनुष काट डाला। भोजवंशी कृतवर्मा ने उसके घोड़ों को और कृपाचार्य ने उसके दोनों पक्षरक्षकों को मार डाला।
If you want to defeat him, destroy his chariot and bow.' Hearing these words of the teacher, Karna, son of Vikartana, with great haste, with his arrows, quickly cut off the bow of Abhimanyu, who was wielding weapons. Kritavarman of the Bhoja dynasty killed his horses and Kripacharya killed both his side guards.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥