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mahabharat 7.48.29: उसके घोड़ों की लगाम, घोड़े और दोनों पार्श्वरक्षक भी नष्ट किए जा सकते हैं। हे महान धनुर्धर, राधापुत्र! यदि तुम ऐसा कर सको, तो ऐसा करो॥ 29॥   |   mahabharat अध्याय 7.48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.48.29 
अभीषूंश्च हयांश्चैव तथोभौ पार्ष्णिसारथी।
एतत् कुरु महेष्वास राधेय यदि शक्यते॥ २९॥
 
 
अनुवाद
उसके घोड़ों की लगाम, घोड़े और दोनों पार्श्वरक्षक भी नष्ट किए जा सकते हैं। हे महान धनुर्धर, राधापुत्र! यदि तुम ऐसा कर सको, तो ऐसा करो॥ 29॥
 
‘Also the reins of his horses, the horses and the two side guards can be destroyed. O great archer, son of Radha! If you can, then do this.॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)