Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.48.2: हे भरतपुत्र! तब राधापुत्र कर्ण ने भी उतने ही बाणों से अभिमन्यु को घायल कर दिया। उसका सारा शरीर बाणों से आच्छादित हो गया और वह अत्यंत सुंदर लग रहा था। | mahabharat अध्याय 7.48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे भरतपुत्र! तब राधापुत्र कर्ण ने भी उतने ही बाणों से अभिमन्यु को घायल कर दिया। उसका सारा शरीर बाणों से आच्छादित हो गया और वह अत्यंत सुंदर लग रहा था।
O son of Bharat! Then Radha's son Karna also pierced Abhimanyu with the same number of arrows. His whole body was covered with arrows and he looked very beautiful.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥