Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.48.17: "हे राजन! इससे पहले कि वह हम लोगों से एक-एक करके युद्ध करके हमें मार डाले, हम सब मिलकर अभिमन्यु को कुचल डालें।" तत्पश्चात् विकर्तनपुत्र कर्ण ने युद्धभूमि में पुनः द्रोणाचार्य से पूछा-॥17॥   |   mahabharat अध्याय 7.48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.48.17 
सर्व एनं विमथ्नीम: पुरैकैकं हिनस्ति न:।
अथाब्रवीत् पुनर्द्रोणं कर्णो वैकर्तनो रणे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
"हे राजन! इससे पहले कि वह हम लोगों से एक-एक करके युद्ध करके हमें मार डाले, हम सब मिलकर अभिमन्यु को कुचल डालें।" तत्पश्चात् विकर्तनपुत्र कर्ण ने युद्धभूमि में पुनः द्रोणाचार्य से पूछा-॥17॥
 
"O King! Before he kills us by fighting with us one by one, let us all together crush Abhimanyu." Thereafter Vikartana's son Karna once again asked Dronacharya on the battlefield -॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)