Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.48.15-16: तत्पश्चात् शत्रुंजय, चन्द्रकेतु, मेघवेग, सुवर्चा और सूर्यभास - इन पाँचों वीरों को मारकर अभिमन्यु ने सुबलपुत्र शकुनि को भी घायल कर दिया। फिर शकुन्य ने भी तीन बाणों से अभिमन्यु को घायल करके दुर्योधन से इस प्रकार कहा ॥15-16॥ | mahabharat अध्याय 7.48: अभिमन्युद्वारा अश्वकेतु, भोज और कर्णके मन्त्री आदिका वध एवं छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उन महारथियोंद्वारा अभिमन्युके धनुष, रथ, ढाल और तलवारका नाश । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् शत्रुंजय, चन्द्रकेतु, मेघवेग, सुवर्चा और सूर्यभास - इन पाँचों वीरों को मारकर अभिमन्यु ने सुबलपुत्र शकुनि को भी घायल कर दिया। फिर शकुन्य ने भी तीन बाणों से अभिमन्यु को घायल करके दुर्योधन से इस प्रकार कहा ॥15-16॥
After that, after killing these five heroes - Shatrunjay, Chandraketu, Meghvega, Suvarcha and Suryabhas, Abhimanyu also injured Subala's son Shakuni. Then Shakunya also wounded Abhimanyu with three arrows and said to Duryodhana thus: 15-16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥