Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.47.8-9: अर्जुनपुत्र अभिमन्यु ने द्रोणाचार्य को पचास, बृहद्बल को बीस, कृतवर्मा को अस्सी, कृपाचार्य को साठ और अश्वत्थामा को कान खींचकर छोड़े गए स्वर्ण पंख वाले दस अत्यन्त वेगशाली बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.47: अभिमन्युका पराक्रम, छ: महारथियोंके साथ घोर युद्ध और उसके द्वारा वृन्दारक तथा दस हजार अन्य राजाओंके सहित कोसलनरेश बृहद्बलका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अर्जुनपुत्र अभिमन्यु ने द्रोणाचार्य को पचास, बृहद्बल को बीस, कृतवर्मा को अस्सी, कृपाचार्य को साठ और अश्वत्थामा को कान खींचकर छोड़े गए स्वर्ण पंख वाले दस अत्यन्त वेगशाली बाणों से घायल कर दिया।
Abhimanyu, the son of Arjun, wounded Drona with fifty arrows, Brihadbal with twenty, Kritavarma with eighty, Kripacharya with sixty and Ashwatthama with ten very fast arrows having golden feathers, released by pulling the ears.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥