श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 46: अभिमन्युके द्वारा लक्ष्मण तथा क्राथपुत्रका वध और सेनासहित छ: महारथियोंका पलायन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.46.27 
कुलशीलश्रुतिबलै: कीर्त्या चास्त्रबलेन च।
युक्ते तस्मिन् हते वीरा: प्रायशो विमुखाऽभवन्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
जब वंश, चरित्र, शास्त्रज्ञान, बल, यश और शस्त्रशक्ति से संपन्न वह वीर क्रथपुत्र मारा गया, तब आपकी सेना के प्रायः सभी वीर योद्धा युद्ध छोड़कर भाग गए॥ 27॥
 
When that heroic son of Kratha, who was endowed with lineage, character, knowledge of scriptures, strength, fame and weapon power, was killed, almost all the valiant soldiers of your army abandoned the battle and fled.॥ 27॥
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि अभिमन्युवधपर्वणि लक्ष्मणवधे षट्चत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत अभिमन्युवधपर्वमें लक्ष्मणवधविषयक छियालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४६॥

 
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