Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.46.26-27h: फिर उसने क्रथपुत्र को मारने के लिए असंख्य बाणों की वर्षा करके उसके धनुष और बाणों को, कुण्डलों सहित उसकी दोनों भुजाओं को, मुकुटधारी मस्तक को, छत्र को, ध्वजा को, सारथि सहित उसके रथ को और घोड़ों को भी मार गिराया॥ 26 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.46: अभिमन्युके द्वारा लक्ष्मण तथा क्राथपुत्रका वध और सेनासहित छ: महारथियोंका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 46: अभिमन्युके द्वारा लक्ष्मण तथा क्राथपुत्रका वध और सेनासहित छ: महारथियोंका पलायन  »  श्लोक 26-27h
 
 
श्लोक  7.46.26-27h 
शरौघेणाप्रमेयेण त्वरमाणो जिघांसया।
सधनुर्बाणकेयूरो बाहू समुकुटं शिर:॥ २६॥
सच्छत्रध्वजयन्तारं रथं चाश्वान् न्यपातयत्।
 
 
अनुवाद
फिर उसने क्रथपुत्र को मारने के लिए असंख्य बाणों की वर्षा करके उसके धनुष और बाणों को, कुण्डलों सहित उसकी दोनों भुजाओं को, मुकुटधारी मस्तक को, छत्र को, ध्वजा को, सारथि सहित उसके रथ को और घोड़ों को भी मार गिराया॥ 26 1/2॥
 
Then, hurrying to kill the son of Kratha with innumerable showers of arrows, he struck down his bow and arrows, his two arms with their earrings, his crown-adorned head, his umbrella, his flag, his chariot with its charioteer, and his horses as well.॥ 26 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)