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mahabharat 7.45.9: इसी समय राजा मद्र के बलवान पुत्र रुक्मरथ ने आकर अपनी भयभीत सेना को आश्वस्त किया और निर्भय होकर बोले-॥9॥   |   mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.45.9 
अथ रुक्मरथो नाम मद्रेश्वरसुतो बली।
त्रस्तामाश्वासयन् सेनामत्रस्तो वाक्यमब्रवीत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इसी समय राजा मद्र के बलवान पुत्र रुक्मरथ ने आकर अपनी भयभीत सेना को आश्वस्त किया और निर्भय होकर बोले-॥9॥
 
At this time, Rukmaratha, the powerful son of King Madra, came and reassured his frightened army and spoke fearlessly:॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)