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mahabharat 7.45.6: उस समय अभिमन्यु ने आगे बढ़ती हुई क्षत्रियों की सेना को उसी प्रकार निगल लिया, जैसे तिमि नामक बड़ी मछली समुद्र में छोटी-छोटी मछलियों को निगल जाती है।   |   mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.45.6 
क्षत्रियाणामनीकानि प्रद्रुतान्यभिधावताम्।
जग्रास तिमिरासाद्य क्षुद्रमत्स्यानिवार्णवे॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस समय अभिमन्यु ने आगे बढ़ती हुई क्षत्रियों की सेना को उसी प्रकार निगल लिया, जैसे तिमि नामक बड़ी मछली समुद्र में छोटी-छोटी मछलियों को निगल जाती है।
 
At that time, Abhimanyu swallowed the advancing armies of the Kshatriyas, just as a great fish called Timi swallows smaller fishes in the ocean.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)