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mahabharat 7.45.30: कुछ क्षण तक दोनों में अधूरा युद्ध चलता रहा। इसी बीच सैकड़ों बाणों से घायल होकर आपका पुत्र दुर्योधन वहाँ से भाग गया।   |   mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.45.30 
तयो: क्षणमिवापूर्ण: संग्राम: समपद्यत।
अथाभवत् ते विमुख: पुत्र: शरशताहत:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
कुछ क्षण तक दोनों में अधूरा युद्ध चलता रहा। इसी बीच सैकड़ों बाणों से घायल होकर आपका पुत्र दुर्योधन वहाँ से भाग गया।
 
There was an incomplete battle between the two for a few moments. Meanwhile your son Duryodhana, wounded by hundreds of arrows, fled from there.
 
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि अभिमन्युवधपर्वणि दुर्योधनपराजये पञ्चचत्वारिंशोऽध्याय:॥ ४५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत अभिमन्युवधपर्वमें दुर्योधनकी पराजयविषयक पैंतालीसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ४५॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)