Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.45.3: राजेन्द्र! सेना में प्रवेश करते ही अभिमन्यु ने क्षत्रिय सरदारों के लिए यमराज के समान सत्यश्रवा को उसी प्रकार पकड़ लिया, जैसे पागल बाघ मृग को पकड़ लेता है॥3॥ | mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजेन्द्र! सेना में प्रवेश करते ही अभिमन्यु ने क्षत्रिय सरदारों के लिए यमराज के समान सत्यश्रवा को उसी प्रकार पकड़ लिया, जैसे पागल बाघ मृग को पकड़ लेता है॥3॥
Rajendra! As soon as Abhimanyu entered the army, like Yamraj for the Kshatriya leaders, he took Satyashrava in the same way as a mad tiger captures a deer. 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥