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mahabharat 7.45.29: अभिमन्यु के रथी, हाथी, घोड़े और पैदल सेना को समुद्र में डूबते देख दुर्योधन ने क्रोध में भरकर शीघ्रता से उस पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.45.29 
रथिन: कुञ्जरानश्वान् पदातींश्चापि मज्जत:।
दृष्ट्वा दुर्योधन: क्षिप्रमुपायात् तममर्षित:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
अभिमन्यु के रथी, हाथी, घोड़े और पैदल सेना को समुद्र में डूबते देख दुर्योधन ने क्रोध में भरकर शीघ्रता से उस पर आक्रमण कर दिया।
 
Seeing charioteers, elephants, horses and infantry drowning in the sea of ​​Abhimanyu, Duryodhana, filled with anger, quickly attacked it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)