Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.45.26: अर्जुन के पुत्र ने अपने तीखे बाणों से उसका धनुष, घोड़ा, सारथि, ध्वजा, अंगद की भुजाएँ तथा उसका सिर भी काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  7.45.26 
धनूंष्यश्वान् नियन्तॄंश्च ध्वजान् बाहूंश्च साङ्गदान्।
शिरांसि च शितैर्बाणैस्तेषां चिच्छेद फाल्गुनि:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन के पुत्र ने अपने तीखे बाणों से उसका धनुष, घोड़ा, सारथि, ध्वजा, अंगद की भुजाएँ तथा उसका सिर भी काट डाला।
 
With his sharp arrows, Arjun's son cut off his bow, horse, charioteer, flag, arms adorned with Angad and also his head.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)