Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.45.25: राजन! उस रणभूमि में उसके तीखे बाणों से प्रेरित होकर जीवों के शरीर तो पृथ्वी पर गिर पड़े, परन्तु उनकी आत्माएँ परलोक को चली गईं॥25॥   |   mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  7.45.25 
प्राणा: प्राणभृतां संख्ये प्रेषितानि शितै: शरै:।
राजन् प्रापुरमुं लोकं शरीराण्यवनिं ययु:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
राजन! उस रणभूमि में उसके तीखे बाणों से प्रेरित होकर जीवों के शरीर तो पृथ्वी पर गिर पड़े, परन्तु उनकी आत्माएँ परलोक को चली गईं॥25॥
 
Rajan! In that battlefield, the bodies of the living beings inspired by his sharp arrows fell on the earth, but their souls went to the next world. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)