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mahabharat 7.45.19: उन राजकुमारों ने अपने सुनहरे पंखों वाले तथा नाना प्रकार के चिह्नों से सुसज्जित तीखे बाणों द्वारा अर्जुन पुत्र अभिमन्यु को पलक झपकते ही अदृश्य कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.45.19 
सुवर्णपुङ्खैरिषुभिर्नानालिङ्गै: सुतेजनै:।
अदृश्यमार्जुनिं चक्रुर्निमेषात् ते नृपात्मजा:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उन राजकुमारों ने अपने सुनहरे पंखों वाले तथा नाना प्रकार के चिह्नों से सुसज्जित तीखे बाणों द्वारा अर्जुन पुत्र अभिमन्यु को पलक झपकते ही अदृश्य कर दिया।
 
With their sharp arrows having golden feathers and decorated with various kinds of marks, those princes made Arjun's son Abhimanyu invisible in the blink of an eye.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)