Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.45.13: तब अर्जुन के पुत्र ने रुक्मरथ का धनुष काट डाला और तत्काल ही उसकी बायीं और दाहिनी भुजाएँ तथा सुन्दर नेत्रों और भौंहों से सुशोभित उसका सिर भी काटकर भूमि पर गिरा दिया॥13॥ | mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब अर्जुन के पुत्र ने रुक्मरथ का धनुष काट डाला और तत्काल ही उसकी बायीं और दाहिनी भुजाएँ तथा सुन्दर नेत्रों और भौंहों से सुशोभित उसका सिर भी काटकर भूमि पर गिरा दिया॥13॥
Then Arjun's son cut off Rukmaratha's bow and immediately cut off his left and right arms as well as his head adorned with beautiful eyes and eyebrows and dropped them on the ground. ॥13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥