Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.45.10: वीर योद्धाओं! तुम्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब तक मैं यहाँ हूँ, यह अभिमन्यु कुछ भी नहीं है। मैं इसे जीवित ही पकड़ लूँगा। इसमें कोई संदेह नहीं है।॥10॥ | mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीर योद्धाओं! तुम्हें डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। जब तक मैं यहाँ हूँ, यह अभिमन्यु कुछ भी नहीं है। मैं इसे जीवित ही पकड़ लूँगा। इसमें कोई संदेह नहीं है।॥10॥
‘Valiant warriors! You need not fear. This Abhimanyu is nothing as long as I am here. I will capture him alive. There is no doubt about this.'॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥