Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.45.1: संजय कहते हैं - हे राजन! जैसे मृत्यु के समय यमराज सब प्राणियों के प्राण हर लेते हैं, उसी प्रकार अर्जुन का पुत्र अभिमन्यु वीर योद्धाओं के प्राण हरकर उनके लिए यमराज बन गया।॥1॥ | mahabharat अध्याय 7.45: अभिमन्युके द्वारा सत्यश्रवा, क्षत्रियसमूह, रुक्मरथ तथा उसके मित्रगणों और सैकड़ों राजकुमारोंका वध और दुर्योधनकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय उवाच
आददानस्तु शूराणामायूंष्यभवदार्जुनि:।
अन्तक: सर्वभूतानां प्राणान् काल इवागते॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! जैसे मृत्यु के समय यमराज सब प्राणियों के प्राण हर लेते हैं, उसी प्रकार अर्जुन का पुत्र अभिमन्यु वीर योद्धाओं के प्राण हरकर उनके लिए यमराज बन गया।॥1॥
Sanjaya says - O King! Just as Yamaraja takes away the lives of all living beings at the time of death, in the same way Abhimanyu, the son of Arjun, became Yamaraja for the brave warriors by taking away their lives. ॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥