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mahabharat 7.44.4: उस समय अत्यन्त तेजस्वी कौरव योद्धा एक-दूसरे पर बाणों की वर्षा कर रहे थे। अभिमन्यु और उनके बीच भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया।   |   mahabharat अध्याय 7.44: अभिमन्युका पराक्रम और उसके द्वारा वसातीय आदि अनेक योद्धाओंका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 44: अभिमन्युका पराक्रम और उसके द्वारा वसातीय आदि अनेक योद्धाओंका वध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.44.4 
तेषां तस्य च सम्मर्दो दारुण: समपद्यत।
सृजतां शरवर्षाणि प्रसक्तममितौजसाम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
उस समय अत्यन्त तेजस्वी कौरव योद्धा एक-दूसरे पर बाणों की वर्षा कर रहे थे। अभिमन्यु और उनके बीच भयंकर युद्ध आरम्भ हो गया।
 
At that time the extremely brilliant Kaurava warriors were showering arrows on each other. A fierce battle between Abhimanyu and them began.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)