श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 44: अभिमन्युका पराक्रम और उसके द्वारा वसातीय आदि अनेक योद्धाओंका वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.44.1 
संजय उवाच
सैन्धवेन निरुद्धेषु जयगृद्धिषु पाण्डुषु।
सुघोरमभवद्युद्धं त्वदीयानां परै: सह॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! जब विजय की इच्छा रखने वाले पाण्डवों को सिन्धुराज जयद्रथ ने रोक दिया, तब आपके सैनिकों और शत्रुओं में भयंकर युद्ध हुआ॥1॥
 
Sanjaya says - O King! When the Pandavas, who were desirous of victory, were stopped by the King of Sindhus, Jayadratha, then a fierce battle took place between your soldiers and the enemies.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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