Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.43.3: अनुष्ठानों से सुसज्जित उनका रथ गंधर्व नगर के समान प्रतीत हो रहा था। चाँदी से निर्मित और वराह चिन्ह युक्त उनका विशाल ध्वज उनके रथ की शोभा बढ़ा रहा था।   |   mahabharat अध्याय 7.43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.43.3 
गन्धर्वनगराकारं विधिवत्कल्पितं रथम्।
तस्याभ्यशोभयत् केतुर्वाराहो राजतो महान्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
अनुष्ठानों से सुसज्जित उनका रथ गंधर्व नगर के समान प्रतीत हो रहा था। चाँदी से निर्मित और वराह चिन्ह युक्त उनका विशाल ध्वज उनके रथ की शोभा बढ़ा रहा था।
 
His chariot decorated with rituals looked like the Gandharva city. His huge flag made of silver and bearing the boar symbol was enhancing the beauty of his chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)