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mahabharat 7.43.17: सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु ने पहले ही अनेक हाथियों और उनके सवारों को मारकर पांडवों को व्यूह में प्रवेश का मार्ग दिखा दिया था, परन्तु जयद्रथ ने उसे रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.43.17 
सौभद्रेण हतै: पूर्वं सोत्तरायोधिभिर्द्विपै:।
पाण्डूनां दर्शित: पन्था: सैन्धवेन निवारित:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
सुभद्रा के पुत्र अभिमन्यु ने पहले ही अनेक हाथियों और उनके सवारों को मारकर पांडवों को व्यूह में प्रवेश का मार्ग दिखा दिया था, परन्तु जयद्रथ ने उसे रोक दिया।
 
Abhimanyu, the son of Subhadra, had earlier shown the Pandavas the path to enter the array by killing many elephants along with their riders. But Jayadratha blocked it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)