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mahabharat 7.43.13: आर्य! तब उस बलवान योद्धा ने दूसरा धनुष लेकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई और भीमसेन के धनुष, ध्वजा और घोड़ों को नष्ट कर दिया॥13॥   |   mahabharat अध्याय 7.43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.43.13 
सोऽन्यदादाय बलवान् सज्यं कृत्वा च कार्मुकम्।
भीमस्यापातयत् केतुं धनुरश्वांश्च मारिष॥ १३॥
 
 
अनुवाद
आर्य! तब उस बलवान योद्धा ने दूसरा धनुष लेकर उस पर प्रत्यंचा चढ़ाई और भीमसेन के धनुष, ध्वजा और घोड़ों को नष्ट कर दिया॥13॥
 
Arya! Then that powerful warrior took another bow, strung it and destroyed Bhima's bow, flag and horses.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)