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mahabharat 7.43.12: उसकी चपलता देखकर और समझकर भीमसेन ने शीघ्रतापूर्वक तीन-तीन बाणों से उसका धनुष, ध्वजा और छत्र काटकर भूमि पर फेंक दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 43: पाण्डवोंके साथ जयद्रथका युद्ध और व्यूहद्वारको रोक रखना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.43.12 
तत् तस्य लाघवं ज्ञात्वा भीमो भल्लैस्त्रिभिस्त्रिभि:।
धनुर्ध्वजं च च्छत्रं च क्षितौ क्षिप्रमपातयत्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
उसकी चपलता देखकर और समझकर भीमसेन ने शीघ्रतापूर्वक तीन-तीन बाणों से उसका धनुष, ध्वजा और छत्र काटकर भूमि पर फेंक दिया।
 
Seeing and understanding his agility, Bhimasena quickly cut down his bow, flag and umbrella with three arrows each, throwing them on the ground.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)