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mahabharat 7.41.23: सूखे वन में प्रज्वलित अग्नि के समान अर्जुनपुत्र अभिमन्यु कौरव सेनाओं के मध्य बड़े वेग से शत्रुओं को जलाता हुआ दिखाई दे रहा था।   |   mahabharat अध्याय 7.41: अभिमन्युके द्वारा कर्णके भाईका वध तथा कौरव-सेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 41: अभिमन्युके द्वारा कर्णके भाईका वध तथा कौरव-सेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  7.41.23 
कक्षमग्निरिवोत्सृष्टो निर्दहंस्तरसा रिपून्।
मध्ये भारतसैन्यानामार्जुनि: प्रत्यदृश्यत॥ २३॥
 
 
अनुवाद
सूखे वन में प्रज्वलित अग्नि के समान अर्जुनपुत्र अभिमन्यु कौरव सेनाओं के मध्य बड़े वेग से शत्रुओं को जलाता हुआ दिखाई दे रहा था।
 
Like a fire set ablaze in a dry forest, Arjuna's son Abhimanyu was seen burning the enemies with great force amidst the Kaurava armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)