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mahabharat 7.41.21: बाणों से घायल होने पर राजकुमारों की तीव्र चीखें सुनाई देने लगीं, जिससे कायरों का भय और बढ़ गया।   |   mahabharat अध्याय 7.41: अभिमन्युके द्वारा कर्णके भाईका वध तथा कौरव-सेनाका संहार और पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 41: अभिमन्युके द्वारा कर्णके भाईका वध तथा कौरव-सेनाका संहार और पलायन  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.41.21 
वध्यतां राजपुत्राणां क्रन्दतामितरेतरम्।
प्रादुरासीन्महाशब्दो भीरूणां भयवर्धन:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
बाणों से घायल होने पर राजकुमारों की तीव्र चीखें सुनाई देने लगीं, जिससे कायरों का भय और बढ़ गया।
 
The loud cries of the princes after being struck by arrows could be heard, which increased the fear of the cowards. 21.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)