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mahabharat 7.40.32-33h: तत्पश्चात् अर्जुनपुत्र ने मुड़े हुए तीखे भालों से योद्धाओं के धनुष काट डाले और कर्ण को सब ओर से पीड़ा पहुँचाई।   |   mahabharat अध्याय 7.40: अभिमन्युके द्वारा दु:शासन और कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 40: अभिमन्युके द्वारा दु:शासन और कर्णकी पराजय  »  श्लोक 32-33h
 
 
श्लोक  7.40.32-33h 
तत: शिलाशितैस्तीक्ष्णैर्भल्लैरानतपर्वभि:॥ ३२॥
छित्त्वा धनूंषि शूराणामार्जुनि: कर्णमार्दयत्।
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अर्जुनपुत्र ने मुड़े हुए तीखे भालों से योद्धाओं के धनुष काट डाले और कर्ण को सब ओर से पीड़ा पहुँचाई।
 
Thereafter, Arjun's son cut the bows of the warriors with sharp spears having bent ends, and tormented Karna from all sides. 32 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)