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mahabharat 7.40.16-17: पाण्डव सैनिक हर्ष से भरकर नाना प्रकार के युद्ध-वाद्य बजाने लगे और मुस्कुराते हुए सुभद्रा के पुत्र का पराक्रम देखने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.40: अभिमन्युके द्वारा दु:शासन और कर्णकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 40: अभिमन्युके द्वारा दु:शासन और कर्णकी पराजय  »  श्लोक 16-17
 
 
श्लोक  7.40.16-17 
वादित्राणि च सर्वाणि नानालिङ्गानि सर्वश:॥ १६॥
प्रावादयन्त संहृष्टा: पाण्डूनां तत्र सैनिका:।
अपश्यन् स्मयमानाश्च सौभद्रस्य विचेष्टितम्॥ १७॥
 
 
अनुवाद
पाण्डव सैनिक हर्ष से भरकर नाना प्रकार के युद्ध-वाद्य बजाने लगे और मुस्कुराते हुए सुभद्रा के पुत्र का पराक्रम देखने लगे।
 
The Pandava soldiers, filled with joy, began playing all kinds of war instruments and smilingly began watching the valour of Subhadra's son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)