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mahabharat 7.4.13: नरश्रेष्ठ! इस संसार में मुनियों के साथ मैत्री करना मैथुन से भी श्रेष्ठ है; ऐसा ऋषि महात्मा कहते हैं॥13॥   |   mahabharat अध्याय 7.4: भीष्मजीका कर्णको प्रोत्साहन देकर युद्धके लिये भेजना तथा कर्णके आगमनसे कौरवोंका हर्षोल्लास   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.4.13 
यौनात् सम्बन्धकाल्लोके विशिष्टं संगतं सताम्।
सद्भि: सह नरश्रेष्ठ प्रवदन्ति मनीषिण:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
नरश्रेष्ठ! इस संसार में मुनियों के साथ मैत्री करना मैथुन से भी श्रेष्ठ है; ऐसा ऋषि महात्मा कहते हैं॥13॥
 
Narshrestha! In this world, friendship with sages is better than sexual relations; This is what the sage Mahatma says. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)