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mahabharat 7.39.26: अतः आपके शत्रु अभिमन्यु के मरते ही आपके समस्त शत्रु स्वतः ही नष्ट हो जाएँगे। हे राजन, आप मेरी कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना कीजिए। मैं अभी आपके शत्रुओं का नाश कर दूँगा।॥26॥   |   mahabharat अध्याय 7.39: द्रोणाचार्यके द्वारा अभिमन्युके पराक्रमकी प्रशंसा तथा दुर्योधनके आदेशसे दु:शासनका अभिमन्युके साथ युद्ध आरम्भ करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.39.26 
तस्मादस्मिन् हते शत्रौ हता: सर्वेऽहितास्तव।
शिवेन मां ध्याहि राजन्नेष हन्मि रिपूंस्तव॥ २६॥
 
 
अनुवाद
अतः आपके शत्रु अभिमन्यु के मरते ही आपके समस्त शत्रु स्वतः ही नष्ट हो जाएँगे। हे राजन, आप मेरी कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना कीजिए। मैं अभी आपके शत्रुओं का नाश कर दूँगा।॥26॥
 
‘Therefore, after the death of your enemy Abhimanyu, all your enemies will automatically be destroyed. O King, please pray for my well-being. I will destroy your enemies right now.’॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)