Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.39.22: महाराज! मैं आपसे (प्रतिज्ञा सहित) कहता हूँ। मैं इस अभिमन्यु को पांचालों और पाण्डवों के सामने मार डालूँगा।   |   mahabharat अध्याय 7.39: द्रोणाचार्यके द्वारा अभिमन्युके पराक्रमकी प्रशंसा तथा दुर्योधनके आदेशसे दु:शासनका अभिमन्युके साथ युद्ध आरम्भ करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 39: द्रोणाचार्यके द्वारा अभिमन्युके पराक्रमकी प्रशंसा तथा दुर्योधनके आदेशसे दु:शासनका अभिमन्युके साथ युद्ध आरम्भ करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  7.39.22 
अहमेनं हनिष्यामि महाराज ब्रवीमि ते।
मिषतां पाण्डुपुत्राणां पञ्चालानां च पश्यताम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! मैं आपसे (प्रतिज्ञा सहित) कहता हूँ। मैं इस अभिमन्यु को पांचालों और पाण्डवों के सामने मार डालूँगा।
 
‘Maharaj! I tell you (with a promise). I will kill this Abhimanyu in front of the Panchalas and the Pandavas. 22.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)