Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.39.20: दुर्योधन के इस कथन पर सभी वीर योद्धा अत्यन्त क्रोधित हो गये और सुभद्रापुत्र अभिमन्यु को मारने की इच्छा से द्रोणाचार्य के सामने ही उस पर आक्रमण कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.39: द्रोणाचार्यके द्वारा अभिमन्युके पराक्रमकी प्रशंसा तथा दुर्योधनके आदेशसे दु:शासनका अभिमन्युके साथ युद्ध आरम्भ करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमुक्तास्तु ते राज्ञा सात्वतीपुत्रमभ्ययु:।
संरब्धास्ते जिघांसन्तो भारद्वाजस्य पश्यत:॥ २०॥
अनुवाद
दुर्योधन के इस कथन पर सभी वीर योद्धा अत्यन्त क्रोधित हो गये और सुभद्रापुत्र अभिमन्यु को मारने की इच्छा से द्रोणाचार्य के सामने ही उस पर आक्रमण कर दिया।
At this statement by Duryodhana, all the brave warriors became very angry and with the desire to kill Subhadra's son Abhimanyu, they attacked him in front of Dronacharya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥