श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 39: द्रोणाचार्यके द्वारा अभिमन्युके पराक्रमकी प्रशंसा तथा दुर्योधनके आदेशसे दु:शासनका अभिमन्युके साथ युद्ध आरम्भ करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.39.16 
सर्वमूर्धाभिषिक्तानामाचार्यो ब्रह्मवित्तम:।
अर्जुनस्य सुतं मूढं नायं हन्तुमिहेच्छति॥ १६॥
 
 
अनुवाद
ये सभी मूर्ख लोग अभिषिक्त राजाओं के गुरु और श्रेष्ठ ब्रह्मवेत्ता इस मूर्ख द्रोणपुत्र अर्जुन को मारना नहीं चाहते हैं। 16॥
 
All these idiots do not want to kill this foolish son of Drona Arjun, the teacher of the anointed kings and the best Brahma expert. 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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