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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 38: अभिमन्युके द्वारा शल्यके भाईका वध तथा द्रोणाचार्यकी रथसेनाका पलायन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.38.4 
स विद्‍ध्वा दशभिर्बाणै: साश्वयन्तारमार्जुनिम्।
उदक्रोशन्महाशब्दं तिष्ठ तिष्ठेति चाब्रवीत्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
अभिमन्यु, उसके घोड़े और सारथि को दस बाणों से घायल करके उसने जोर से गर्जना की और कहा, "अरे! रुक जाओ, रुक जाओ।"
 
Having wounded Abhimanyu, his horse and charioteer, with ten arrows, he roared loudly and said, "Hey! Stand still, stand still."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)