Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.38.3: यह देखकर कि सुभद्रा के पुत्र ने युद्धभूमि में मद्रराज शल्य को अपने तीव्र बाणों से घायल कर दिया है, उसका छोटा भाई क्रोधित हो गया और उसने अभिमन्यु पर आक्रमण कर दिया तथा उस पर बाणों की वर्षा कर दी।   |   mahabharat अध्याय 7.38: अभिमन्युके द्वारा शल्यके भाईका वध तथा द्रोणाचार्यकी रथसेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 38: अभिमन्युके द्वारा शल्यके भाईका वध तथा द्रोणाचार्यकी रथसेनाका पलायन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.38.3 
मद्रेशं सादितं दृष्ट्वा सौभद्रेणाशुगै रणे।
शल्यादवरज: क्रुद्ध: किरन् बाणान् समभ्ययात्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर कि सुभद्रा के पुत्र ने युद्धभूमि में मद्रराज शल्य को अपने तीव्र बाणों से घायल कर दिया है, उसका छोटा भाई क्रोधित हो गया और उसने अभिमन्यु पर आक्रमण कर दिया तथा उस पर बाणों की वर्षा कर दी।
 
Seeing that Subhadra's son had wounded Madra king Shalya with his swift arrows on the battlefield, his younger brother became enraged and attacked Abhimanyu, showering arrows on him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)