श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 38: अभिमन्युके द्वारा शल्यके भाईका वध तथा द्रोणाचार्यकी रथसेनाका पलायन  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.38.19 
ज्याशब्द: शुश्रुवे तस्य तलशब्दश्च दारुण:।
महाशनिमुच: काले पयोदस्येव नि:स्वन:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उसके धनुष की डोरी और हथेली की ध्वनि वर्षा ऋतु में गरजते बादलों की गर्जना के समान भयानक थी।
 
The sound of his bowstring and his palm was as terrifying as the roar of a thundering cloud during the rainy season.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)