Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.38.1: धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब अर्जुन का पुत्र अभिमन्यु अपने बाणों से बड़े-बड़े धनुर्धरों को मथ रहा था, तब मेरी ओर से किस योद्धा ने उसे युद्ध में रोका था?॥1॥ | mahabharat अध्याय 7.38: अभिमन्युके द्वारा शल्यके भाईका वध तथा द्रोणाचार्यकी रथसेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र उवाच
तथा प्रमथमानं तं महेष्वासानजिह्मगै:।
आर्जुनिं मामका: संख्ये के त्वेनं समवारयन्॥ १॥
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! जब अर्जुन का पुत्र अभिमन्यु अपने बाणों से बड़े-बड़े धनुर्धरों को मथ रहा था, तब मेरी ओर से किस योद्धा ने उसे युद्ध में रोका था?॥1॥
Dhritarashtra asked - Sanjay! When Arjun's son Abhimanyu was churning the great archers with his arrows, which warrior from my side stopped him in the battle?॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥