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mahabharat 7.37.8: अतएव सुभद्रापुत्र ने अपने बाणों की भारी वर्षा से उन महारथियों को उनके सारथि और घोड़ों सहित युद्ध से हटा दिया और सिंह के समान गर्जना करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.37.8 
ताञ्छरौघेण महता साश्वसूतान् महारथान्।
विमुखीकृत्य सौभद्र: सिंंहनादमथानदत्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
अतएव सुभद्रापुत्र ने अपने बाणों की भारी वर्षा से उन महारथियों को उनके सारथि और घोड़ों सहित युद्ध से हटा दिया और सिंह के समान गर्जना करने लगे।
 
Therefore, having turned away those mighty warriors, along with their charioteers and horses, from the battle with his heavy shower of arrows, the son of Subhadra roared like a lion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)