श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 5-6
 
 
श्लोक  7.37.5-6 
द्रोणो द्रौणि: कृप: कर्ण: कृतवर्मा च सौबल:।
बृहद्‍बलो मद्रराजो भूरिर्भूरिश्रवा: शल:॥ ५॥
पौरवो वृषसेनश्च विसृजन्त: शिताञ्छरान्।
सौभद्रं शरवर्षेण महता समवाकिरन्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
द्रोण, अश्वत्थामा, कृपाचार्य, कर्ण, कृतवर्मा, सुबलपुत्र शकुनि, बृहद्बल, मद्रराज शल्य, भूरि, भूरिश्रवा, शाल, पौरव और वृषसेन- वे अभिमन्यु पर तीखे बाणों की वर्षा करने लगे। उन्होंने बड़े-बड़े बाणों और वर्षा से अभिमन्यु को ढक दिया। 5-6॥
 
Drona, Ashwatthama, Kripacharya, Karna, Kritavarma, Subalputra Shakuni, Brihadbal, Madraraja Shalya, Bhuri, Bhurishrava, Shala, Paurava and Vrishasena—they started showering sharp arrows on Abhimanyu. He covered Abhimanyu with great arrows and rain. 5-6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)