Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.37.4: महाराज! तत्पश्चात् शस्त्रविद्या में निपुण, बलवान, मित्र और विजयी योद्धाओं ने आपके वीर पुत्र को (रक्षा के लिए) चारों ओर से घेर लिया; यद्यपि वे अभिमन्यु से बहुत भयभीत थे॥4॥ | mahabharat अध्याय 7.37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! तत्पश्चात् शस्त्रविद्या में निपुण, बलवान, मित्र और विजयी योद्धाओं ने आपके वीर पुत्र को (रक्षा के लिए) चारों ओर से घेर लिया; यद्यपि वे अभिमन्यु से बहुत भयभीत थे॥4॥
Maharaj! Thereafter, the warriors skilled in weaponry, strong, friendly and victorious surrounded your brave son from all sides (for protection); Although they were very afraid of Abhimanyu. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥