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mahabharat 7.37.33: राजा शल्य अभिमन्यु के पास खड़े थे, तब महाबली योद्धा ने उन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। उन्होंने बड़े जोर से गर्जना की, जिससे आपकी सेना भयभीत हो गई।   |   mahabharat अध्याय 7.37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.37.33 
शल्यं च शरवर्षेण समीपस्थमवाकिरत्।
उदक्रोशन्महाबाहुस्तव सैन्यानि भीषयन्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
राजा शल्य अभिमन्यु के पास खड़े थे, तब महाबली योद्धा ने उन पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। उन्होंने बड़े जोर से गर्जना की, जिससे आपकी सेना भयभीत हो गई।
 
King Shalya was standing near Abhimanyu, so the mighty warrior started showering arrows on him. He roared loudly, frightening your army. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)