श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.37.31 
कर्णस्तं पञ्चविंशत्या नाराचानां समार्पयत्।
अश्वत्थामा च विंशत्या कृतवर्मा च सप्तभि:॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
तब कर्ण ने अभिमन्यु को पच्चीस बाणों से, अश्वत्थामा को बीस बाणों से तथा कृतवर्मा को सात बाणों से घायल कर दिया।
 
Then Karna wounded Abhimanyu with twenty-five arrows, Ashvatthama with twenty and Kritavarma with seven arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)