श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.37.3 
पुराभिमन्युर्लक्ष्यं न: पश्यतां हन्ति वीर्यवान्।
तमाद्रवत मा भैष्ट क्षिप्रं रक्षत कौरवम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
महाबली अभिमन्यु अपने लक्ष्य राजा दुर्योधन को हमारे देखते ही देखते मार डालेगा; इसलिए तुम सब लोग भागो, डरो मत और शीघ्रता से कुरुवंशी दुर्योधन की रक्षा करो।॥3॥
 
The powerful Abhimanyu will kill his target, King Duryodhana, right in front of our eyes; therefore all of you run, do not be afraid and quickly protect Duryodhana of the Kuru dynasty.'॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)