Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.37.21-22h: इतने में ही अश्मकपुत्र सारथि की आज्ञा मानकर गरुड़ और वायु के समान वेगवान सुशिक्षित घोड़ों पर सवार होकर बड़े वेग से वहाँ आया और अभिमन्यु को रोककर दस बाण मारकर उसे घायल कर दिया और इस प्रकार बोला - 'अरे! खड़ा हो, खड़ा हो।' | mahabharat अध्याय 7.37: अभिमन्युका पराक्रम, उसके द्वारा अश्मकपुत्रका वध, शल्यका मूर्च्छित होना और कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इतने में ही अश्मकपुत्र सारथि की आज्ञा मानकर गरुड़ और वायु के समान वेगवान सुशिक्षित घोड़ों पर सवार होकर बड़े वेग से वहाँ आया और अभिमन्यु को रोककर दस बाण मारकर उसे घायल कर दिया और इस प्रकार बोला - 'अरे! खड़ा हो, खड़ा हो।'
Meanwhile, the son of Ashmaka, obeying the charioteer's orders, came there very swiftly on well-trained horses as swift as Garuda and the wind, and stopped Abhimanyu and wounded him by shooting ten arrows and said thus - 'Hey! Stand, stand.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥