श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 36: अभिमन्युका उत्साह तथा उसके द्वारा कौरवोंकी चतुरंगिणी सेनाका संहार  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  7.36.9-10h 
तत: संनोदयामास हयानाशु त्रिहायनान्॥ ९॥
नातिहृष्टमना: सूतो हेमभाण्डपरिच्छदान्।
 
 
अनुवाद
तब सारथी ने स्वर्ण-आभूषणों से सुसज्जित, तीन वर्ष के घोड़ों को शीघ्रता से आगे बढ़ाया। उस समय उसका मन बहुत प्रसन्न नहीं था।
 
Then the charioteer hurriedly drove forward the horses, adorned with golden ornaments and three years old. At that time his mind was not very happy. 9 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)