श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 36: अभिमन्युका उत्साह तथा उसके द्वारा कौरवोंकी चतुरंगिणी सेनाका संहार  »  श्लोक 8-9h
 
 
श्लोक  7.36.8-9h 
अभिमन्युश्च तां वाचं कदर्थीकृत्य सारथे:॥ ८॥
याहीत्येवाब्रवीदेनं द्रोणानीकाय मा चिरम्।
 
 
अनुवाद
अभिमन्यु ने सारथि की बात अनसुनी करके केवल इतना कहा- ‘तुम शीघ्रता से द्रोणाचार्य की सेना की ओर चलो।’ 8 1/2
 
Abhimanyu ignored the charioteer's words and said this only - 'You should quickly go towards Dronacharya's army.' 8 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)