श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 36: अभिमन्युका उत्साह तथा उसके द्वारा कौरवोंकी चतुरंगिणी सेनाका संहार  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.36.3 
अतिभारोऽयमायुष्मन्नाहितस्त्वयि पाण्डवै:।
सम्प्रधार्य क्षणं बुद्धॺा ततस्त्वं योद्‍धुमर्हसि॥ ३॥
 
 
अनुवाद
आयुष्मान्! पाण्डवों ने तुम्हारे ऊपर बहुत बड़ा भार डाल दिया है। पहले तुम एक क्षण रुककर बुद्धिपूर्वक अपना कर्तव्य निश्चित करो। फिर युद्ध करो॥3॥
 
Aayushman! The Pandavas have placed a huge burden on you. First you should pause for a moment and decide your duty wisely. Then fight.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)