श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 36: अभिमन्युका उत्साह तथा उसके द्वारा कौरवोंकी चतुरंगिणी सेनाका संहार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.36.1 
संजय उवाच
सौभद्रस्तद् वच: श्रुत्वा धर्मराजस्य धीमत:।
अचोदयत यन्तारं द्रोणानीकाय भारत॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं- हे भारत! बुद्धिमान युधिष्ठिर के उपर्युक्त वचन सुनकर सुभद्राकुमार अभिमन्यु ने अपने सारथिओं को द्रोणाचार्य की सेना की ओर बढ़ने का आदेश दिया। 1॥
 
Sanjay says- India! Hearing the above words of wise Yudhishthira, Subhadrakumar Abhimanyu ordered his charioteers to move towards Dronacharya's army. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)